भारत में पेट्रोल कारों का जमाना खत्म? जुलाई में EV-हाइब्रिड-CNG की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर, पेट्रोल से बस एक कदम दूर

पेट्रोल कारों का जमाना खत्म होने वाला है? भारत में EV, हाइब्रिड और CNG की बिक्री ने तोड़ दिए सारे रिकॉर्ड

नमस्कार दोस्तों, क्या आप भी सोच रहे हैं कि अगली गाड़ी खरीदते समय पेट्रोल वाली लें या कुछ और? अगर हाँ, तो ये खबर आपके लिए है. भारत में गाड़ी खरीदने वालों की पसंद तेजी से बदल रही है. जुलाई 2026 में वैकल्पिक ईंधन (CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक) वाली पैसेंजर कारों की बिक्री पेट्रोल कारों के बहुत करीब पहुंच गई है.

भारत में पेट्रोल कारों का जमाना खत्म? जुलाई में EV-हाइब्रिड-CNG की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर, पेट्रोल से बस एक कदम दूर

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में इन अल्टरनेटिव फ्यूल वाहनों की हिस्सेदारी कुल पैसेंजर रिटेल सेल्स में 40.6% रही, जबकि पेट्रोल की हिस्सेदारी 41.7% सिर्फ एक प्रतिशत का फर्क, पिछले साल यह अंतर 13.2% था.

जुलाई में ऑटो बाजार ने रचा इतिहास

पैसेंजर वाहनों की खुदरा बिक्री सालाना आधार पर 19% बढ़कर 4.1 लाख यूनिट हो गई. पहली बार यह आंकड़ा 4 लाख के पार गया, इसमें:

  • CNG वाहनों की हिस्सेदारी 24.6%
  • हाइब्रिड की 8%
  • इलेक्ट्रिक वाहनों की 7.9%

हालांकि हाइब्रिड गाड़ियां मुख्य रूप से पेट्रोल से चलती हैं, लेकिन मैन्युफैक्चरर इन्हें अल्टरनेटिव फ्यूल वाले वाहन मानते हैं क्योंकि इनमें इलेक्ट्रिक मोटर भी लगी होती है जो माइलेज बढ़ाती है और प्रदूषण कम करती है.

पेट्रोल की हिस्सेदारी क्यों गिर रही है?

  • एक साल पहले पेट्रोल की हिस्सेदारी 47.6% थी, जो अब घटकर 41.6% रह गई है. FADA के अनुसार इसके पीछे कई वजहें हैं:
  • नए-नए मॉडल्स का लॉन्च
  • GST में बदलाव के बाद गाड़ियां ज्यादा किफायती होना
  • E20 ईंधन को लेकर कुछ अनिश्चितता, जिसकी वजह से कई खरीदार CNG, हाइब्रिड और EV की तरफ आकर्षित हो रहे हैं

टू-व्हीलर में भी इलेक्ट्रिक का तूफान

सिर्फ कारों में ही नहीं, टू-व्हीलर बाजार में भी बदलाव साफ दिख रहा है. जुलाई में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की रिटेल सेल रिकॉर्ड 11.2% रही (पिछले साल 7.7% थी).

कुल मिलाकर सभी सेगमेंट में EV रिटेल रजिस्ट्रेशन 3.28 लाख यूनिट के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए. इससे कुल वाहन रिटेल सेल्स में EV की हिस्सेदारी एक साल पहले के 9.6% से बढ़कर लगभग 12.7% हो गई.

Maruti Suzuki का दबदबा बरकरार

पैसेंजर कारों के बाजार में Maruti Suzuki ने जुलाई में 1.6 लाख से ज्यादा गाड़ियां बेचकर अपना दबदबा बनाए रखा. चाहे बाजार कितना भी बदले, Maruti अभी भी नंबर वन बनी हुई है.

दोस्तों, ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, ये बताते हैं कि हमारा देश धीरे-धीरे साफ और सस्ती ऊर्जा वाली गाड़ियों की तरफ बढ़ रहा है. अगर आप भी अगली गाड़ी सोच रहे हैं, तो CNG, हाइब्रिड या EV पर जरूर गौर करें, जेब भी बचेगी और पर्यावरण भी.

आप क्या सोचते हैं? अगली गाड़ी पेट्रोल लेंगे या अल्टरनेटिव फ्यूल वाली? कमेंट में जरूर बताएं.

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