आगरा में फाइनेंस कंपनी कर्मियों ने युवक से की दबंगई, अस्पताल से लौटते वक्त छीनी बाइक और वसूले 4500 रुपये

आगरा में फाइनेंस कर्मियों की दबंगई का मामला सामने आया, अस्पताल से लौट रहे युवक सोनू कुमार की बाइक छीनकर जबरन पैसे वसूले गए, पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की

आगरा में फाइनेंस कर्मियों की दबंगई: अस्पताल से लौट रहे युवक से छीनी बाइक, जबरन वसूले पैसे

भाइयों और बहनों, आजकल आम आदमी की जिंदगी कितनी मुश्किल हो गई है, ये बात बार-बार सामने आ रही है. आगरा में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जो सुनकर दिल को ठेस पहुंचती है. एक गरीब युवक अपनी पत्नी के ऑपरेशन और बेटे के जन्म के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहा था. उसी दौरान फाइनेंस कंपनी के कर्मियों ने उसकी बाइक रोक ली, मारपीट की और जबरन पैसे वसूल लिए. ये घटना एत्माद्दौला थाना क्षेत्र की है.

आगरा में फाइनेंस कंपनी कर्मियों ने युवक से की दबंगई

क्या है पूरा मामला?

फिरोजाबाद के टूंडला थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी विजय निवासी सोनू कुमार ने 17 अक्टूबर 2025 को एक पल्सर बाइक खरीदी थी, कीमत थी 1.11 लाख रुपये. उन्होंने 31,500 रुपये नकद जमा किए और बाकी 80 हजार रुपये का फाइनेंस करवाया. मासिक किस्त करीब 2,793 रुपये थी. सोनू 6 महीने तक का किस्त जमा कर चूका था, यानि मई महीने तक जमा कर चुका था. लेकिन जून, जुलाई और अगस्त की किस्तें परिवार की बीमारी और खर्च के कारण नहीं जमा हो सकीं.

8 अगस्त को जब सोनू अस्पताल से लौट रहा था, तब नवीन गल्ला मंडी के पास फाइनेंस कर्मियों ने उसकी बाइक रोक ली. बकाया किस्त का हवाला देते हुए उसे अपने कार्यालय ले गए, वहां उससे 5,600 रुपये मांगे गए. जब सोनू ने मना किया तो कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई.

अपनी बाइक छुड़ाने के लिए सोनू को 4,500 रुपये ऑनलाइन एक आरोपी बाबू यादव के खाते में जमा करने पड़े.

अगले दिन फिर संतराम डिग्री कॉलेज के पास दो लोगों ने उसकी बाइक रोकी और उसे रामबाग स्थित कार्यालय ले गए, वहां 11,400 रुपये की मांग की गई.

पुलिस ने दर्ज की FIR

एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. सोनू कुमार ने साफ आरोप लगाया है कि फाइनेंस कर्मियों ने बकाया किस्त का बहाना बनाकर उसे परेशान किया और जबरन पैसे वसूले.

आम आदमी की समस्या

दोस्तों, फाइनेंस कंपनियां किस्त न जमा होने पर सही तरीके से नोटिस भेज सकती हैं या कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं. लेकिन सड़क पर रोककर मारपीट करना और जबरन पैसे वसूलना पूरी तरह गलत है. खासकर जब कोई व्यक्ति परिवार की बीमारी या आपात स्थिति से गुजर रहा हो. ऐसे मामलों में आम आदमी को बहुत तकलीफ होती है.

अगर आप भी किसी फाइनेंस कंपनी से लोन या बाइक फाइनेंस करवा रहे हैं तो किस्तों का पूरा हिसाब रखें. कोई भी जबरदस्ती करे तो तुरंत पुलिस में शिकायत करें. सबूत जैसे ऑनलाइन पेमेंट स्क्रीनशॉट, गवाह या वीडियो जरूर रखें.

क्या कहती है पुलिस?

पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है. आरोपियों की पहचान और आगे की कार्रवाई की जांच चल रही है. एसीपी छत्ता ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.

भाइयों, ऐसे मामलों में चुप रहने से समस्या और बढ़ती है. अगर आपके आसपास कोई ऐसा मामला हो तो आवाज उठाएं, न्याय सबका हक है. सोनू कुमार जैसे लोगों को तुरंत न्याय मिले, यही हमारी कामना है.

आप इस खबर पर क्या सोचते हैं? कमेंट में बताएं. अगर कोई जानकारी हो तो जरूर शेयर करें. ऐसे और अपडेट के लिए जुड़े रहें.

Thanks for Reading.

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *