Banking Rules Change: बैंकिंग चार्ज से राहत चाहते हैं व्यापारी, वित्त मंत्री को सौंपा ज्ञापन

Banking Rules Change: व्यापारियों ने बैंकिंग नियमों में बदलाव की उठाई मांग

Farrukhabad News: कायमगंज के व्यापारियों ने बैंकिंग चार्ज, मिनिमम बैलेंस पेनल्टी, चेक बाउंस फीस और KYC नियमों में राहत की मांग की है.

Banking Rules Change

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज में व्यापारियों ने बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर आवाज उठाई है. व्यापारियों का कहना है कि बैंक खातों पर लगने वाले अलग-अलग चार्ज, न्यूनतम बैलेंस की पेनल्टी और लोन से जुड़ी फीस के कारण कारोबार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है. इन समस्याओं से राहत दिलाने के लिए उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है.

यह मांग ऐसे समय में उठाई गई है, जब छोटे कारोबारियों के लिए खर्च नियंत्रित करना और कारोबार को सुचारु रूप से चलाना काफी महत्वपूर्ण है. व्यापारियों का मानना है कि बैंकिंग नियमों को सरल बनाने से उन्हें राहत मिल सकती है.

सरकारी बैंकों को सातों दिन खोलने की मांग

व्यापारियों की प्रमुख मांग है कि सरकारी बैंकों को सप्ताह के सातों दिन खोलने की व्यवस्था की जाए, उनका कहना है कि बैंक बंद रहने के कारण कई बार जरूरी लेनदेन और व्यापारिक काम प्रभावित होते हैं.

खासकर उन कारोबारियों को परेशानी होती है, जिन्हें रोजाना नकदी जमा करनी होती है या बैंक से जुड़े जरूरी काम पूरे करने होते हैं.

Minimum Balance Penalty और Cash Handling Charges खत्म करने की मांग

ज्ञापन में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर लगने वाली पेनल्टी समाप्त करने की मांग भी की गई है, इसके अलावा व्यापारियों ने नकदी जमा करने और निकालने पर लगने वाले Cash Handling Charges को खत्म करने की अपील की है.

व्यापारियों का कहना है कि छोटे कारोबारियों के लिए अतिरिक्त बैंकिंग शुल्क भी खर्च बढ़ा सकते हैं, ऐसे में बैंक खातों पर लगने वाले विभिन्न Account Maintenance Charges को समाप्त करने से उन्हें आर्थिक राहत मिल सकती है.

Cheque Bounce Charges के नियमों में बदलाव की अपील

व्यापारियों ने चेक बाउंस होने पर लगने वाले शुल्क को लेकर भी अपनी मांग रखी है, उनका सुझाव है कि चेक बाउंस होने की स्थिति में शुल्क केवल चेक जारी करने वाले व्यक्ति से लिया जाना चाहिए.

उनका मानना है कि इससे भुगतान प्राप्त करने वाले व्यापारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और व्यापारिक लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ेगी.

KYC Rules और Loan Renewal Charges पर भी उठे सवाल

व्यापारियों ने बार-बार KYC (Know Your Customer) अपडेट कराने के लिए बैंक बुलाए जाने की समस्या का भी उल्लेख किया है, उन्होंने KYC की अवधि बढ़ाकर 10 वर्ष करने की मांग की है.

इसके साथ ही, सही तरीके से चल रहे लोन और लिमिट खातों के सालाना रिन्यूअल तथा प्रॉपर्टी वैल्यूएशन के नाम पर लगने वाले शुल्क को समाप्त करने की अपील की गई है.

ज्ञापन में एक और महत्वपूर्ण मांग लोन खातों को NPA (Non-Performing Asset) घोषित करने की समयसीमा से जुड़ी है. व्यापारियों ने इसे तीन महीने से बढ़ाकर छह महीने करने का सुझाव दिया है, ताकि आर्थिक या तकनीकी परेशानियों के दौरान कारोबारियों को सुधार का अधिक समय मिल सके.

क्या बदलेंगे Banking Rules? व्यापारियों को सरकार से उम्मीद

व्यापारियों की इन मांगों का उद्देश्य बैंकिंग प्रक्रिया को सरल बनाना और छोटे कारोबारियों के खर्च को कम करना है, हालांकि, ज्ञापन सौंपे जाने का मतलब यह नहीं है कि बैंकिंग नियमों में बदलाव का फैसला हो चुका है.

फिलहाल ये व्यापारियों की ओर से रखे गए प्रस्ताव हैं, इन पर सरकार या संबंधित नियामक की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय होने पर ही नियमों में बदलाव की पुष्टि की जा सकेगी.

निष्कर्ष: कायमगंज के व्यापारियों की मांग ने बैंकिंग शुल्क, KYC प्रक्रिया और लोन से जुड़े नियमों पर चर्चा को सामने ला दिया है, अब व्यापारियों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं पर विचार कर राहत देने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे.

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