Electric Scooter खरीदा तो रेंज सिर्फ 16 किमी मिली, कंपनी को चुकाने पड़े 1.68 लाख रुपये  

Electric Scooter खरीदा तो रेंज सिर्फ 16 किमी मिली, कंपनी को चुकाने पड़े 1.68 लाख रुपये

दोस्तों, आजकल हर कोई electric scooter खरीदने का सोच रहा है, पेट्रोल महंगा है, चार्जिंग सस्ती लगती है और कंपनियां बड़े-बड़े दावे करती हैं – एक बार चार्ज में 80-100 किलोमीटर तक चलेगा, लेकिन असलियत क्या है? केरल के पलक्कड़ का एक मामला आपके आंखें खोल देगा.

Electric Scooter

एक ग्राहक ने 2022 में 88,000 रुपये में इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदा, डीलर और कंपनी ने दावा किया कि 6 घंटे चार्ज करने पर स्कूटर 85 किलोमीटर चलेगा, तीन साल की वारंटी भी मिली, लेकिन स्कूटर खरीदते ही परेशानी शुरू हो गई.

शुरुआत में रेंज 40 किलोमीटर के आसपास थी, बार-बार सर्विसिंग करवाई, बैटरी भी दो-दो बार बदलवाई, लेकिन समस्या जस की तस रही, बाद में रेंज घटकर 18-20 किलोमीटर रह गई. चार्जर खराब, फ्रंट व्हील बियरिंग ढीला – सब कुछ, आखिरकार ग्राहक ने दिसंबर 2024 में उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया.

विशेषज्ञों की जांच में क्या निकला?

पलक्कड़ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दो विशेषज्ञ नियुक्त किए, उनकी रिपोर्ट ने कंपनी की पोल खोल दी:

  • फुल चार्ज होने पर स्कूटर सिर्फ 16 किलोमीटर ही चल पा रहा था.
  • बैटरी में वोल्टेज की कमी.
  • चार्ज लंबे समय तक बनाए रखने की क्षमता बहुत खराब.
  • शाफ्ट और बियरिंग सिस्टम में भी खराबी.

कंपनी और डीलर ने बचाव में कहा कि राइडर का वजन, सड़क की हालत, टायर प्रेशर, मौसम या तेज स्पीड की वजह से रेंज कम हो सकती है. लेकिन अदालत ने इन दलीलों को नहीं माना. कंपनी कोई ठोस सबूत नहीं दे सकी. कई सुनवाइयों में अनुपस्थित रहने के कारण एकतरफा फैसला सुनाया गया.

अदालत का बड़ा फैसला (30 सितंबर 2026)

आयोग के अध्यक्ष विनय मेनन वी और सदस्यों की पीठ ने साफ कहा – यह उत्पादन में खराबी और सेवा में कमी का मामला है. कंपनी और डीलर को कुल 1 लाख 68 हजार रुपये देने का आदेश दिया:

  • 88,000 रुपये – स्कूटर की पूरी कीमत का रिफंड
  • 55,000 रुपये – मानसिक उत्पीड़न और असुविधा का मुआवजा
  • 25,000 रुपये – कानूनी खर्च

Electric Scooter खरीदने वाले भाई-बहनों के लिए सबक

यह फैसला सिर्फ एक व्यक्ति की जीत नहीं है, यह उन लाखों लोगों के लिए मिसाल है जो electric scooter range के झूठे दावों में फंस जाते हैं. कंपनियां IDC टेस्ट की आदर्श परिस्थितियों में रेंज बताती हैं, लेकिन रियल वर्ल्ड में ट्रैफिक, गर्मी, वजन और सड़क की हालत अलग होती है. फिर भी 85 किमी का दावा करके सिर्फ 16 किमी देना पूरी तरह गलत है.

क्या करें अगर आपकी स्कूटर में भी समस्या है?

1. सर्विसिंग और बैटरी रिप्लेसमेंट के सभी बिल और रिकॉर्ड रखें.

2. लिखित में शिकायत दर्ज कराएं.

3. विशेषज्ञ जांच की मांग करें.

4. उपभोक्ता अदालत जाएं या नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन 1915 पर कॉल करें.

Electric scooter खरीदते समय सिर्फ रेंज न देखें. रियल यूजर रिव्यू पढ़ें, टेस्ट राइड लें और वारंटी की शर्तें ध्यान से समझें. कंपनियां दावा तो बहुत करती हैं, लेकिन जब बात अदालत तक पहुंचती है तो सबूत मांगते हैं.

यह केस साबित करता है कि उपभोक्ता अधिकार मजबूत हैं. अगर कंपनी का प्रॉडक्ट खराब है और दावे पूरे नहीं होते, तो आप रिफंड और मुआवजा दोनों मांग सकते हैं.

क्या आप भी electric scooter खरीदने वाले हैं या पहले से चला रहे हैं? कमेंट में अपनी रियल रेंज का अनुभव जरूर बताएं, बाकी लोगों को भी फायदा होगा.

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