Gold Loan: गोल्ड लोन लेने वालों की बढ़ी मुश्किलें, Bajaj Finance और Piramal Finance ने जताई चिंता

भारत में Gold Loan Market तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अब इस कारोबार में कर्ज चुकाने की क्षमता को लेकर सवाल उठने लगे हैं. बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) और पीरामल फाइनेंस (Piramal Finance) ने गोल्ड लोन लेने वाले कुछ ग्राहकों के भुगतान में देरी और एक से ज्यादा वित्तीय संस्थानों से कर्ज लेने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई है.

Gold Loan

आम लोगों के लिए गोल्ड लोन जरूरत के समय पैसे जुटाने का एक आसान विकल्प हो सकता है. शादी, इलाज, कारोबार या घर के खर्च के लिए लोग अपना सोना गिरवी रखकर कर्ज लेते हैं. लेकिन अगर पुराने कर्ज की किस्तें चुकाने के लिए नया लोन लेना पड़े, तो आर्थिक परेशानी बढ़ सकती है.

Gold Loan Market में कितनी तेजी से बढ़ रहा है कर्ज?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में बैंकों का गोल्ड लोन सालाना आधार पर 83% बढ़कर करीब 5.6 लाख करोड़ रुपये हो गया. वहीं, नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) का गोल्ड लोन 69% बढ़कर लगभग 3.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया.

इन आंकड़ों से साफ है कि सोने के बदले कर्ज लेने का चलन तेजी से बढ़ा है. बैंकों और फाइनेंस कंपनियों को सोना गिरवी होने के कारण कर्ज में सुरक्षा मिलती है, हालांकि, केवल सोना गिरवी होना इस बात की गारंटी नहीं है कि ग्राहक समय पर पूरा कर्ज चुका पाएगा.

Bajaj Finance के Gold Loan में क्यों बढ़ी चिंता?

बजाज फाइनेंस ने जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में अपने कुछ कर्जों की गुणवत्ता पर दबाव के संकेत दिए. कंपनी के अनुसार, 30 दिनों से अधिक समय से बकाया कर्ज से जुड़ी स्टेज-2 और स्टेज-3 एसेट्स में पिछली तिमाही के मुकाबले 15 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हुई, इसमें कम अवधि वाले गोल्ड लोन की अहम भूमिका रही.

इसके बाद कंपनी ने अगस्त 2026 में शॉर्ट-टर्म गोल्ड लोन देना बंद कर दिया. अब कंपनी ऐसे कर्जों की अवधि और भुगतान व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है.

हालांकि, कर्ज भुगतान में देरी के शुरुआती संकेतों का मतलब यह नहीं है कि कंपनी के सभी गोल्ड लोन ग्राहक परेशानी में हैं, यह स्थिति कर्ज की गुणवत्ता पर नजर रखने की जरूरत जरूर दिखाती है.

Piramal Finance ने किस बात पर जताई चिंता?

पीरामल फाइनेंस के CEO जयराम श्रीधरन के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में इंडस्ट्री के कुल गोल्ड लोन वितरण का लगभग 15% से 23% ऐसे ग्राहकों को गया, जिनका कम से कम एक दूसरा कर्ज 90 दिनों से अधिक समय से बकाया था, ऐसे कर्जों का अनुमानित मूल्य करीब 4.7 लाख करोड़ रुपये बताया गया.

पीरामल फाइनेंस ने यह भी बताया कि उसके करीब 35% ग्राहकों के पास किसी दूसरी वित्तीय संस्था का गोल्ड लोन भी था. हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया कि केवल एक से ज्यादा गोल्ड लोन होना अपने आप में अधिक जोखिम का प्रमाण नहीं है.

Gold Loan लेने वाले ग्राहकों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

कुछ जरूरी बातें:

Interest Rate: लोन की ब्याज दर और अन्य शुल्कों की पूरी जानकारी लें.

Multiple Loans: पुराने कर्ज की परेशानी दूर करने के लिए बार-बार नया लोन लेने से बचें.

Loan Terms: समय पर भुगतान न करने पर लगने वाले शुल्क और गिरवी रखे सोने की नीलामी से जुड़े नियम समझें.

Compare Gold Loan Offers: अलग-अलग बैंकों और NBFCs की शर्तों की तुलना करने के बाद ही फैसला लें.

ध्यान रखें, अगर आप समय पर कर्ज नहीं चुका पाते हैं, तो संबंधित नियमों और प्रक्रिया के तहत आपका गिरवी रखा सोना नीलाम हो सकता है.

आगे Gold Loan Market पर रहेगी नजर

Bajaj Finance और Piramal Finance की चिंताएं बताती हैं कि तेजी से बढ़ते गोल्ड लोन कारोबार में केवल कर्ज बांटना ही नहीं, बल्कि ग्राहकों की भुगतान क्षमता का आकलन करना भी जरूरी है. आने वाले समय में कंपनियों की एसेट क्वालिटी, ग्राहकों के भुगतान और कर्ज देने के नियमों पर निवेशकों की नजर रहेगी.

निष्कर्ष: गोल्ड लोन जरूरत के समय मददगार हो सकता है, लेकिन इसे लेने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति और भुगतान क्षमता को समझना जरूरी है. सोना गिरवी रखकर कर्ज लेना आसान हो सकता है, पर उसे चुकाने की जिम्मेदारी उतनी ही महत्वपूर्ण है.

नोट– यह सामान्य वित्तीय जानकारी है, निवेश या व्यक्तिगत कर्ज लेने की सलाह नहीं, जानकारी अच्छी लगी हो तो शेयर जरूर करें.

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