Gold SIP in Grams: Axis Mutual Fund की Shagun SIP से 1 ग्राम सोना-चांदी डिजिटल निवेश कैसे करें?
सोना-चांदी अब ग्राम-ग्राम जोड़िए—पैसे फिक्स नहीं, मात्रा फिक्स (Gold Sip)
घर में सोना-चांदी जोड़ने की आदत हम सबकी है. शादी के लिए, बेटी की पढ़ाई के लिए या बस “सेफ्टी” के लिए. दिक्कत यह थी कि एक साथ बड़ा खरीदा तो दाम ऊँचे लगते, ज्वैलर पर मेकिंग चार्ज लगता, और घर में रखने का डर रहता. Axis Mutual Fund ने इसी आदत को डिजिटल बना दिया है. नाम है Shagun SIP —इंडस्ट्री का पहला ऐसा फीचर जिसमें आप रुपये नहीं, ग्राम तय करते हैं.
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यह सुविधा Axis Gold Fund और Axis Silver Fund of Fund पर उपलब्ध है. आप फिजिकल सोना-चांदी नहीं खरीद रहे. आप म्यूचुअल फंड यूनिट्स खरीद रहे हैं, जिनके पीछे हाई प्योरिटी मेटल है—सोना 99.5% और चांदी 99.9% स्टोरेज, चोरी और मेकिंग चार्ज की टेंशन खत्म.
Shagun SIP क्या है और रेगुलर Gold SIP से कैसे अलग है?
रेगुलर SIP में हर महीने एक तय रकम कटती है—₹2,000, ₹5,000, कीमत बढ़ी तो कम ग्राम मिला, घटी तो ज्यादा.
Shagun SIP उलटा काम करती है, आप कहते हैं—मैं हर महीने 1 ग्राम सोना या 10 ग्राम चांदी जोड़ूँगा, सिस्टम उस दिन की कीमत के हिसाब से रकम अपने आप निकाल लेता है. कीमत T-6 (SIP तारीख से 6 कारोबारी दिन पहले) के MCX स्पॉट प्राइस से ली जाती है.
उदाहरण: 10 साल में करीब 5 किलो सोना जमा करना है, प्लान बन जाता है. हर किस्त की रकम सोने के भाव के साथ बदलती रहती है. यही cost averaging है—कभी महँगा, कभी सस्ता, औसत लागत संभल जाती है.
सीमा: सोना अधिकतम 25 किलो, चांदी 50 किलो तक, न्यूनतम किस्त—सोना 0.1 ग्राम, चांदी 10 ग्राम. फ्रीक्वेंसी महीने या साल, डिमैट मोड, टॉप-अप और मल्टीपल SIP इस सुविधा में नहीं चलते. किस्त की रकम मैंडेट की अधिकतम ₹10 लाख के अंदर होनी चाहिए.
Digital Gold Investment का यह तरीका किसे सूट करता है?
जिनके मन में लक्ष्य ग्राम में है, रुपये में नहीं
शादी, शिक्षा या लंबी अवधि की वेल्थ प्रिजर्वेशन सोच रहे हैं
फिजिकल गोल्ड का झंझट नहीं चाहते, लेकिन गोल्ड-सिल्वर एक्सपोजर चाहते हैं
Axis Mutual Fund के चीफ डिजिटल ऑफिसर बॉनिफेस नोरोन्हा का कहना है कि भारतीयों के लिए सोना-चांदी हमेशा महत्वपूर्ण एसेट रहे हैं. Shagun SIP उन्हें व्यवस्थित और लक्ष्य आधारित डिजिटल रास्ता देती है.
याद रखें: यह Gold ETF / Gold Mutual Fund रूट है, रिडेम्प्शन पर आपको मेटल बार नहीं मिलेगा, यूनिट्स की वैल्यू मिलेगी. टैक्स नियम भी म्यूचुअल फंड वाले लागू होते हैं, फिजिकल गोल्ड वाले नहीं.
शुरू करने से पहले ये 4 बातें साफ कर लें
1. लक्ष्य ग्राम और अवधि लिखकर रखें
2. खर्च रेश्यो और फंड का ट्रैकिंग रिकॉर्ड देखें
3. पूरा पैसा सिर्फ गोल्ड-सिल्वर में न लगाएँ, पोर्टफोलियो का एक हिस्सा ही रखें
4. स्कीम डॉक्यूमेंट और आधिकारिक वेबसाइट से ही रजिस्टर करें
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डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक समाचार और फंड हाउस के बयान पर आधारित है. निवेश बाजार जोखिम के अधीन है, फैसला लेने से पहले स्कीम इंफॉर्मेशन डॉक्यूमेंट पढ़ें और योग्य सलाहकार से बात करें.
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