बीजापुर ट्रैक्टर फाइनेंस ठगी: आदिवासी ग्रामीणों से 15 लाख से ज्यादा की धोखाधड़ी, विधायक से लगाई गुहार

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में भोले-भाले आदिवासी परिवारों के साथ ट्रैक्टर फाइनेंस के नाम पर बड़ी ठगी हो गई है, गाढ़ी कमाई के पैसे गायब, ट्रैक्टर नहीं मिला, जानिए पूरा मामला और क्या सावधानी बरतें

बीजापुर में ट्रैक्टर फाइनेंस के नाम पर आदिवासियों से लाखों की ठगी

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगालूर तहसील के कावड़गांव, हिरोली, गंगालूर, मेटापाल और आसपास के गांवों के आदिवासी ग्रामीण आज बहुत परेशान हैं. उन्होंने ट्रैक्टर फाइनेंस कराने के लालच में करीब 15 लाख 73 हजार रुपये दे दिए, लेकिन न तो ट्रैक्टर मिला और न पैसे वापस आए.

बीजापुर ट्रैक्टर फाइनेंस ठगी

शिवम ट्रैक्टर (जॉन डियर) जीएडी कॉलोनी बीजापुर के मैनेजर माधव मंडल ने इन भोले-भाले ग्रामीणों को फाइनेंस का झांसा दिया था. ग्रामीणों ने अलग-अलग किस्तों में अपनी मेहनत की कमाई उसे सौंप दी. पैसे मिलते ही मैनेजर गायब हो गया. अब उसका फोन भी बंद रहता है और संपर्क पूरी तरह कट चुका है.

पीड़ित ग्रामीणों की पीड़ा

इन आदिवासी परिवारों के लिए ये पैसे आसान नहीं थे, खेती-किसानी और मजदूरी से जुटाई गई रकम थी. कई परिवारों ने बच्चों की पढ़ाई या घर की जरूरतें टालकर ये पैसे जमा किए थे. जब ट्रैक्टर नहीं मिला तो उनका सपना टूट गया, अब वे कर्ज और चिंता के बोझ तले दबे हैं.

दर्जनों पीड़ित ग्रामीण बीजापुर पहुंचे और स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी से मिले. उन्होंने विधायक को ज्ञापन सौंपकर मांग की, कि जॉन डियर कंपनी के मालिक और आरोपी मैनेजर माधव मंडल के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज हो. साथ ही उनकी रकम ब्याज समेत वापस दिलाई जाए.

विधायक ने लिया गंभीर संज्ञान

विधायक विक्रम मंडावी ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया. उन्होंने कहा कि अनपढ़ और सीधे-साधे आदिवासी भाई-बहनों को इस तरह ठगना निंदनीय है. ऐसी ठगी करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए. विधायक ने बीजापुर के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने आम लोगों से अपील भी की है कि किसी भी फाइनेंस कंपनी या एजेंट को पैसे देने से पहले उसकी पूरी प्रमाणिकता जरूर जांच लें.

क्या सीख मिलती है इस घटना से?

यह घटना सिर्फ एक ठगी नहीं, बल्कि कई परिवारों की मेहनत और भरोसे का टूटना है. आजकल ट्रैक्टर, गाड़ी या खेती के उपकरणों के फाइनेंस के नाम पर कई जगह ऐसी धोखाधड़ी हो रही है. खासकर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में भरोसे का फायदा उठाया जाता है.

सावधानियां जो जरूर बरतें:

  • किसी भी एजेंट या मैनेजर को नकद पैसे न दें.
  • फाइनेंस कंपनी या डीलरशिप की आधिकारिक रसीद और दस्तावेज जरूर लें.
  • बैंक या अधिकृत फाइनेंस कंपनी से ही बात करें.
  • पैसे देने से पहले परिवार और गांव के बुजुर्गों से सलाह लें.
  • संदेह हो तो तुरंत पुलिस या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें.

बीजापुर ट्रैक्टर फाइनेंस ठगी का यह मामला प्रशासन और पुलिस के लिए एक चुनौती है. पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं, उम्मीद है कि जल्द कार्रवाई होगी और उनकी गाढ़ी कमाई वापस मिलेगी.

अगर आप या आपके आसपास कोई ऐसी ठगी का शिकार हुआ है तो चुप न रहें, शिकायत दर्ज कराएं. जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है.

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