हल्द्वानी में फाइनेंस कंपनी कर्मचारी बनकर लोन के नाम पर 3.12 लाख रुपये की साइबर ठगी, बुजुर्ग से ठगे गए पैसे
हल्द्वानी के देवलचौड़ निवासी 63 वर्षीय लक्ष्मण सिंह से फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बनकर ऑनलाइन लोन के नाम पर साइबर ठग ने 3.12 लाख रुपये ठग लिए
हल्द्वानी में साइबर ठगी का नया मामला: लोन का झांसा देकर बुजुर्ग से ठगे गए 3.12 लाख रुपये
हल्द्वानी, कोतवाली क्षेत्र के देवलचौड़ निवासी 63 वर्षीय लक्ष्मण सिंह के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है. आरोपी ने खुद को निजी फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा दिया और 3.12 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए. पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

यह घटना 7 जुलाई की है, लक्ष्मण सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई. कॉल करने वाले युवक ने खुद को फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताया और कहा कि आसान प्रक्रिया से ऑनलाइन लोन मिल सकता है. उसने WhatsApp पर एक लिंक भेजा और फॉर्म भरने को कहा. रिजर्व बैंक की गाइडलाइन का हवाला देते हुए उसने लक्ष्मण सिंह से 3.12 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए. पैसे ट्रांसफर होते ही आरोपी ने कॉल काट दी और दोबारा संपर्क नहीं किया.
एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत आने के बाद थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. जिस बैंक खाते में पैसे गए हैं, उसकी जानकारी मांगी गई है. जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
साइबर ठगी से कैसे बचें? ये बातें जरूर याद रखें
आजकल साइबर ठग बुजुर्गों और आम लोगों को लोन, नौकरी या निवेश के नाम पर निशाना बना रहे हैं. ऐसे में सावधानी बरतना बहुत जरूरी है:
- अनजान नंबर से आने वाली कॉल पर कभी भी व्यक्तिगत या बैंक डिटेल न बताएं
- WhatsApp या किसी भी ऐप पर भेजे गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें
- लोन या कोई भी वित्तीय सुविधा लेने से पहले आधिकारिक वेबसाइट या बैंक शाखा से ही संपर्क करें
- रिजर्व बैंक या किसी सरकारी विभाग का नाम लेकर पैसे मांगने वाले किसी भी व्यक्ति पर भरोसा न करें
- शक होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें
लोगों को जागरूक रहना होगा
हल्द्वानी और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से साइबर ठगी के कई मामले सामने आए हैं. कई बार ठग फाइनेंस कंपनी, बैंक या सरकारी योजना का नाम लेकर लोगों को फंसाते हैं. बुजुर्ग अक्सर आसानी से भरोसा कर लेते हैं, इसलिए परिवार के सदस्यों को भी अपने बड़ों को इस बारे में जागरूक करना चाहिए.
पुलिस प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर करने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें. अगर कोई भी संदिग्ध कॉल आए तो तुरंत नंबर ब्लॉक कर दें और शिकायत दर्ज कराएं.
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यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है. पुलिस जांच जारी है और उम्मीद है कि जल्द आरोपी का पता चल जाएगा.
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