रायपुर क्रिप्टो स्कैम में स्टूडेंट ने टीचर से 1.54 करोड़ ठगे | 25% मुनाफे के झांसे में बैंक-कर्ज की रकम भी लग गई
रायपुर में एक कॉमर्स टीचर अपने ही स्टूडेंट और उसके परिवार के हाथों क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 1 करोड़ 54 लाख 90 हजार रुपए गंवा बैठे. शुरुआत में मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता गया, फिर बहाने और फरारी। जानें पूरा सच और इससे सबक
Table of Contents
रायपुर क्रिप्टो स्कैम: जब अपना स्टूडेंट ही बन गया ठग
दोस्तों, आज की यह कहानी दिल को छूने वाली है. रायपुर के एक ईमानदार कॉमर्स टीचर पुष्कर जैन ने अपनी मेहनत की कमाई और बैंक से लिया कर्ज क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट में लगा दिया, नतीजा? 1.54 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी. आरोपी कोई अजनबी नहीं, बल्कि उनका अपना स्टूडेंट नेहल अग्रवाल और उसका परिवार था.

आजाद चौक थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में पुलिस जांच कर रही है. यह घटना हमें याद दिलाती है कि क्रिप्टो ट्रेडिंग में ज्यादा मुनाफे का लालच कितना खतरनाक हो सकता है.
कैसे शुरू हुई पहचान और भरोसा?
2020-21 में कोचिंग क्लास में पुष्कर जैन की मुलाकात स्टूडेंट नेहल अग्रवाल से हुई. नेहल ने उन्हें अपने परिवार के सदस्यों—ललित अग्रवाल (उर्फ लक्की), विवेक अग्रवाल, सीमा अग्रवाल और नमित अग्रवाल से मिलवाया.
आरोपियों ने बताया कि वे क्रिप्टोकरेंसी और USDT ट्रेडिंग करते हैं. दावा था—हर महीने 25 से 30 प्रतिशत तक मुनाफा, शिक्षक को 8-10 प्रतिशत तय रिटर्न का वादा किया गया. शुरुआत में थोड़ा मुनाफा देकर भरोसा मजबूत कर लिया गया. टेलीग्राम के ‘पंप एंड डंप’ ग्रुप में भी जोड़ा गया.
बैंक-कर्ज लेकर निवेश, फिर बहाने
22 अगस्त 2024 से पुष्कर जैन ने अपनी बचत के साथ-साथ बैंक और अन्य स्रोतों से कर्ज लेकर अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करना शुरू किया. जब मूल रकम वापस मांगी तो बहाने शुरू हो गए—मुंबई से पैसा आ रहा है, ट्रेडिंग आईडी ब्लॉक हो गई, रकम फंस गई.
जनवरी 2025 में टीचर आरोपियों के मोवा स्थित घर पहुंचे. सीमा देवी अग्रवाल, संजय अग्रवाल, ललित और विवेक ने दो महीने में पूरी रकम लौटाने का आश्वासन दिया.
फिर 3 फरवरी 2026 को नमित अग्रवाल (उर्फ विक्की) की व्यक्तिगत गारंटी पर सीमा देवी के खाते में और 9.90 लाख रुपए जमा करा दिए. सिर्फ दो दिन बाद—5 फरवरी से सभी के मोबाइल बंद हो गए और वे मकान छोड़कर फरार हो गए.
कुल मिलाकर नेहल, ललित, विवेक, सीमा देवी और अन्य के खातों में 1 करोड़ 54 लाख 90 हजार रुपए ट्रांसफर हो चुके थे.
पुलिस जांच जारी, सबक सबके लिए
आजाद चौक पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की भूमिका और पैसों के लेन-देन की जांच शुरू कर दी है. नाम सामने आए हैं—नेहल अग्रवाल, ललित अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, सीमा अग्रवाल और नमित अग्रवाल.
पुष्कर जैन जैसे हजारों लोग रोज अपनी मेहनत की कमाई सुरक्षित निवेश की तलाश में लगाते हैं. परिवार की जिम्मेदारियां, बच्चों का भविष्य, कर्ज का बोझ—सब कुछ दांव पर लग जाता है. जब अपना छात्र ही धोखा दे जाए तो दर्द और गहरा हो जाता है.
क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट में सावधानी बरतें
अनुभव से सीख: तय मुनाफे का वादा करने वाले ज्यादातर लोग धोखेबाज होते हैं, क्रिप्टो बाजार में कोई गारंटी नहीं होती.
विशेषज्ञता: असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म रेगुलेटेड होते हैं, अज्ञात टेलीग्राम ग्रुप या व्यक्तिगत गारंटी पर भरोसा न करें.
प्राधिकरण: पुलिस शिकायत और बैंक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड सबसे मजबूत सबूत होते हैं.
विश्वसनीयता: निवेश से पहले परिवार या वित्तीय सलाहकार से सलाह लें. सिर्फ स्क्रीनशॉट या मौखिक वादे पर पैसा न लगाएं.
- FD नहीं, ELSS से टैक्स बचाएं और लंबे समय में वेल्थ बनाएं | SIP से कैसे शुरू करें?
- Bihar Economy पर चुनावी वादों का बोझ: हर व्यक्ति पर ₹28,000 का कर्ज, खजाना कितना खाली?
दोस्तों, अगर आपके आसपास भी कोई ज्यादा मुनाफे का लालच दे रहा है तो सावधान रहें. पैसे कमाने का सही तरीका मेहनत और समझदारी है, न कि जल्दबाजी, इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए जागरूक रहें और दूसरों को भी बताएं.
आपकी राय क्या है? कमेंट में जरूर लिखें, सुरक्षित रहें.
Thanks for Reading.
