2000 रुपये से ज्यादा UPI MDR पेमेंट पर चार्ज? निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया नया बिल, जानिए असर
नमस्ते दोस्तों, आजकल हम सबकी जिंदगी में UPI ने क्रांति ला दी है. किराना दुकान से लेकर बड़े शॉपिंग, सब कुछ एक क्लिक में हो जाता है. लेकिन अब इस आसान डिजिटल पेमेंट पर बदलाव की खबर आ रही है.

वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने 4 अगस्त 2026 को लोकसभा में Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 पेश किया है. इस बिल से UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट्स पर Merchant Discount Rate (MDR) लगाने का रास्ता खुल सकता है.
UPI MDR सरल भाषा में समझें तो क्या है ये बिल?
2020 में सरकार ने UPI और RuPay डेबिट कार्ड पर MDR चार्ज जीरो कर दिया था ताकि डिजिटल पेमेंट बढ़े. अब UPI ने जबरदस्त ग्रोथ कर ली है – हर महीने अरबों ट्रांजेक्शन हो रहे हैं. सरकार का कहना है कि UPI के अगले चरण के विकास के लिए फंडिंग की जरूरत है. इसलिए Payment and Settlement Systems Act, 2007 में बदलाव करके Section 10A को संशोधित किया जा रहा है.
इस बदलाव से सरकार को भविष्य में यह तय करने की छूट मिल जाएगी कि कौन से पेमेंट मोड पर MDR लगेगा और कौन से फ्री रहेंगे. अभी बिल में कोई तुरंत चार्ज नहीं लगाया गया है. यह सिर्फ कानूनी फ्रेमवर्क तैयार कर रहा है.
आम लोगों और मर्चेंट्स पर क्या असर पड़ेगा?
P2P ट्रांसफर (व्यक्ति से व्यक्ति): दोस्तों या परिवार को पैसे भेजने पर अभी भी चार्ज फ्री रहने की उम्मीद है.
2000 रुपये से ऊपर के बिजनेस पेमेंट: चर्चा है कि बड़े मर्चेंट्स (जिनका टर्नओवर ज्यादा है) पर 0.25% से 0.4% तक MDR लग सकता है. छोटे दुकानदारों और किराना स्टोर पर इसका असर कम या न के बराबर रहेगा.
कस्टमर पर बोझ? आमतौर पर MDR मर्चेंट्स ही देते हैं, लेकिन कुछ दुकानदार इसे कस्टमर से रिकवर कर सकते हैं.
क्यों लाया जा रहा है ये बदलाव?
UPI अब भारत की डिजिटल इकोनॉमी का बैकबोन बन चुका है. लेकिन NPCI और बैंकिंग सिस्टम को मेंटेनेंस, सुरक्षा और नई टेक्नोलॉजी के लिए खर्च करना पड़ता है. MDR से आने वाला पैसा UPI को और बेहतर बनाने में लगेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सस्टेनेबल ग्रोथ हो सकेगी.
फायदे और चिंताएं
फायदे:
- UPI का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा.
- बड़े मर्चेंट्स पर छोटा सा चार्ज कुल मिलाकर बड़ा फंड बना सकता है (केवल 5% ट्रांजेक्शन लेकिन 65% वैल्यू)
- क्रेडिट-डेबिट कार्ड जैसा सिस्टम बनेगा
चिंताएं:
- छोटे व्यापारियों को अतिरिक्त खर्च
- कुछ लोग कैश की ओर वापस जा सकते हैं
अभी क्या करें?
अभी घबराने की जरूरत नहीं, बिल अभी पास नहीं हुआ है और नोटिफिकेशन भी नहीं आया. P2P और छोटे लेनदेन पर कोई असर नहीं पड़ेगा. सरकार और RBI डिटेल्स फाइनल करने से पहले सभी स्टेकहोल्डर्स से बात करेंगे.
UPI ने भारत को कैशलेस बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है. ये बदलाव भी उसी दिशा में है – लेकिन बैलेंस बनाए रखते हुए. हम इस खबर पर नजर रखे हुए है. कोई नया अपडेट आएगा तो तुरंत बताएंगे.
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