Wealthy Indians Investment: ₹17 लाख करोड़ निवेश की तैयारी, बाजार में गिरावट का इंतजार नहीं कर रहे अमीर निवेशक

Wealthy Indians Investment को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है, अमीर भारतीय शेयर बाजार, Gold, Real Estate, AIF और Global Markets में अगले 12 से 24 महीनों में निवेश की तैयारी कर रहे हैं.

Wealthy Indians Investment

भारत के अमीर निवेशकों की निवेश रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, पहले जहां कई बड़े निवेशक शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आने का इंतजार करते थे, वहीं अब उनका फोकस बाजार के अलग-अलग हिस्सों में धीरे-धीरे पैसा लगाने पर है, खास बात यह है कि निवेशक सिर्फ भारतीय शेयर बाजार तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि विदेशी बाजारों, गोल्ड, रियल एस्टेट और Alternative Investment Funds (AIF) में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

Systematix Private Wealth के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO पार्थ सेनगुप्ता के मुताबिक, अमीर निवेशक आने वाले 12 से 24 महीनों में अलग-अलग एसेट क्लास में चरणबद्ध तरीके से निवेश कर सकते हैं.

Wealthy Indians Investment: क्यों बदल रही है निवेश की रणनीति?

बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच बड़े निवेशक अपने पास पर्याप्त नकदी रख रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे किसी बड़ी गिरावट का इंतजार कर रहे हैं, उनकी रणनीति धीरे-धीरे निवेश करने और जोखिम को अलग-अलग जगह बांटने की है.

इस तरीके को Phased Investment कहा जाता है, इसमें निवेशक एक साथ पूरा पैसा लगाने के बजाय अलग-अलग समय पर निवेश करते हैं, इससे बाजार की चाल के अनुसार निवेश को संभालने में मदद मिल सकती है.

Share Market के अलावा विदेशी बाजारों पर भी नजर

अब भारतीय अमीर निवेशकों की नजर केवल घरेलू शेयर बाजार पर नहीं है, अमेरिका, चीन, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे देशों के बाजार भी उनकी निवेश रणनीति का हिस्सा बन रहे हैं.

इसके लिए निवेशक Direct Stocks, Exchange Traded Funds (ETF) और Alternative Investment Funds जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं.

विदेशी बाजारों में निवेश का एक बड़ा उद्देश्य पोर्टफोलियो में विविधता लाना है, हालांकि, विदेशी निवेश में करेंसी, बाजार और नियामकीय जोखिम भी जुड़े होते हैं.

AIF और Private Credit में बढ़ रही दिलचस्पी

अमीर निवेशकों के बीच Alternative Investment Funds (AIF) और Private Credit जैसे विकल्पों की लोकप्रियता बढ़ रही है.

रिपोर्ट के मुताबिक, AIF में कुल कमिटमेंट करीब ₹17.53 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है, जबकि जुटाई गई रकम लगभग ₹7.59 लाख करोड़ है.

इन निवेश विकल्पों में जोखिम और पैसा निकालने की शर्तें सामान्य म्यूचुअल फंड से अलग हो सकती हैं, इसलिए निवेश से पहले इनके नियम समझना जरूरी है.

Real Estate और Gold में भी बदल रहा निवेश का तरीका

रियल एस्टेट में निवेश करने के लिए अब कुछ बड़े निवेशक सीधे प्रॉपर्टी खरीदने के बजाय Real Estate AIF जैसे विकल्प तलाश रहे हैं.

Systematix के मुताबिक, रियल एस्टेट AIF पोर्टफोलियो करीब ₹1.2 लाख करोड़ का हो गया है, जो एक साल में दोगुना हुआ है, FY26 में रियल एस्टेट में AIF की हिस्सेदारी 13 प्रतिशत से बढ़कर 19 प्रतिशत हो गई.

वहीं, गोल्ड में निवेश के लिए भी कुछ निवेशक फिजिकल गोल्ड की जगह Gold ETF को पसंद कर रहे हैं.

आम निवेशक क्या सीख सकते हैं?

अमीर निवेशकों की रणनीति से एक बात साफ होती है कि निवेश में Diversification और Asset Allocation की अहमियत बढ़ रही है, हालांकि, बड़े निवेशकों की रणनीति की नकल करना हर व्यक्ति के लिए सही नहीं है.

आम निवेशकों को अपनी आमदनी, वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि के अनुसार फैसला लेना चाहिए, किसी भी निवेश से पहले उसके जोखिम और लागत को समझना जरूरी है.

निष्कर्ष: भारतीय अमीर निवेशक अब सिर्फ शेयर बाजार की तेजी या गिरावट पर निर्भर नहीं रहना चाहते, उनका ध्यान घरेलू और विदेशी बाजारों के साथ गोल्ड, रियल एस्टेट और वैकल्पिक निवेश पर भी है, आने वाले समय में Diversified Portfolio और बेहतर Asset Allocation की भूमिका और महत्वपूर्ण हो सकती है.

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